Sunday, August 4, 2019

आटोनामस अंडरवाटर वेहिकल

IIT खड़गपुर के छात्र एक ऐसा रोबोट बना रहे हैं जो पानी के भीतर स्वायत्त से काम करेगा| पानी के भीतर काम कर सकने वाला यह स्वायत्त जलगत वाहन ड्रन के मुकाबले ज्यादा बुद्धिमता से काम करेगा|वह रोबोट किसी दुर्घटनाग्रस्त विमान के समुद्र के भीतर खोजने में सक्षम होगा|इस संस्थान के 'सेंटर आफ रोबोटिक्स' के छात्र पहले ही इस तरह के रोबोट को एक प्रारंभिक स्वरूप 'क्राकेन 3' नाम से तैयार कर चुके हैं जो पनडुब्बियों की तरह पानी में दस मीटर की गहराई तक जा सकता है| छात्रों की इस टीम का नेतृत्व करने वाले अभय कुमार ने बताया कि हम अपने इस रोबोट अथवा आटोनामस अंडरवाटर वेहिकल को पहले से किसी विशिष्ट कार्य के लिए निर्दिष्ट कर देते हैं जैसे की जल के भितर सर्वेक्षण करना,मलबे में मौजूद सामानों को पहचानना ओर उन्हें उठाना|इसे पानी के भीतर किसी जहाज की तल की मरम्मत करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है| अतिसंवेदनशील सेंसरों और केमरों से भरा यह रोबोट अपने आस-पास की चीजों को खोजने में सक्षम है|एक दशमलव तीन मीटर लंबा यह रोबोट विभिन्न दिशाओं में घूमने में सक्षम है| यहां यह तथ्य उल्लेखनीय है कि ड्रोन को पानी के भीतर प्रयोग नहीं किया जा सकता है क्योंकि उनकी बिना तार वाली तकनीक पानी के भितर प्रयोग नहीं किया जा सकता है क्योंकि उनकी बिना तार वाली तकनीक पानी के भीतर काम नही कर सकती है|अभय कुमार के अनुसार जब उनका यह स्वायत्त जलगत वाहन एक बार पानी के अंदर चला जाता हैं तो इसे खुद निर्णय लेना होता है|यह रोबोट इस तरह से बनाया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिती में स्वयं आसानी से निपट सके |

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आटोनामस अंडरवाटर वेहिकल

IIT खड़गपुर के छात्र एक ऐसा रोबोट बना रहे हैं जो पानी के भीतर स्वायत्त से काम करेगा| पानी के भीतर काम कर सकने वाला यह स्वायत्त जलगत वाहन ड्र...