Sunday, July 14, 2019

तैरने वाला सौर ऊर्जा संयंत्र

ऊर्जा कु जरूरतें पूरी करने के लिए पूरी दुनिया में नए-नए विकल्पों की तलाश हो रही है|फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट,यानी फानी पर तैरने वाला सौर ऊर्जा संयंत्र,इन्ही विकल्पों में से एक है| जापान ने हाल हि में दस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की घोषणा की है| हमारे देश में भी टाटा पावर नाप की कंपनी आस्ट्रेलियाई कंपनी सनेंजी की मदद से बना रही है| तैरने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की परिकल्पना वास्तव में सनेंजी के कार्य निदेशक एंव मुख्य तकनीकी अधिकारी 'फिल कोन्नर' की खोज तरल सौर सारणी (लिक्विड सौलर ऐरे एल एस ए) के कारण संभव हुई है|इसमें हलके प्लास्टिक के लैंसों का प्रयोग किया जाता है,जो डंडों के सहारे पानी पर तैरता रहता है और सुर्यमुखी फूल की तरह सूरज का पिछा करते हुए उसकी रोसनी को सौर बैटरीयों पर एकत्रित करता है| इस लेंस का नियंत्रण कम्प्यूटर के जरिए किया जाता है, जिससे यह पूरी क्षमता के साथ सूर्य की रोशनी एकत्र कर पाता है|पानी पर तैरने के कारण तेज हवा से बचने के लिए एल एस ए को सहारा देने वाले ढ़ाचे की जरूरत कम पड़ति है| खराब मोसम में लेंस पानी में डूब जाता है ओर पानी बैटरियों को ठंडा कर देता है इस तरह पानी इसके कूलर एंव रक्षक,दोनों का काम करता है इसमें इसकी ऊम्र भी बढ़ जाती है इस तकनिक का सबसे बड़ा विसेषता यह है की इसमें न तो बहुत ज्यादा सामग्रीयों की जरूरत पड़ती है ओर न ही अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की| जमिन पर लगाये जाने वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की तुलना में यह स्सता ओर टिकाऊ भि है|इसके अलावा वैज्ञानिकों का दावा है कि यह पहले से उपयोग हो रहे ओधोगिक जलाशयों पर भी लगाया जा सकता है|

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